बड़कागाँव के किसान कर रहे हैं त्राहिमाम,2 रुपये किलो भिंडी तो 25 रुपये लीटर बेच रहे दूध

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जहां एक ओर लॉकडाउन और कड़कड़ाती धूप से किसान निरंतर बेहाल है वहीं दूसरी तरफ किसान दिन-प्रतिदिन अपनी उयोज को औने पौने दाम पर बेचने को सब्जी को बेचने को मजबूर है। बड़कागाँव प्रखंड के कांडतरी गाँव की स्थति बहुत दयनीय है यहाँ के किसानों ने बताया करेला 2 रुपये किलो और भिंडी 3 रुपये किलो बेचना पड़ रहा है खीरा-कदू जैसे कई ऐसे अनेक सब्जी हैं जिसका कोई मोल ही नहीं है। इतना ही नही यहाँ के किसान गाय का दूध मात्र 20- 25 रुपये लीटर बेचने पर विवश है।किसानों में बचनदेव कुमार व प्रभाकर निराला ने स्पष्ट करते हुए कहा है कि सरकार से बारंबार प्राथना है कि वे यथाशीघ्र मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना को पुनः प्रारंभ करें, कृषि लोन माफ करें, नष्ट हुए फसलों की बीमा राशि लाभुक किसानों तक जल्द भुगतान करें। धर्मनाथ कुमार ने कहा है कि किसानों की उपजाऊ सब्जी को बेचने के लिए सरकार प्रत्येक सब्जी की उचित मूल्य तय करें अथवा कोई ठोस निराकरण निकलने की कोशिश करें। सरकार से आग्रह है कि इस भीषण गर्मी में किसानों के लिए उचित पानी और बीज मुहैया करावें, जिससे कृषि को प्रोत्साहन मिले और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में किसान भारतीय स्तर पर सरकार की रूपरेखा में कदम से कदम मिलाकर साथ चल सके।