नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आर्थिक उत्थान की पहल तेज

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.....डीसी ने पदाधिकारियों संग की फोकस एरिया में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा .....सभी पंचायतों में सोलर मोटर पम्प से पेयजल जलापूर्ति सुनिश्चित करने का निदेश ......सभी स्वास्थ्य केन्द्रों और अस्पतालों में खुलेगा योगा व एम्यूनाईजेशनन सेंटर ......श्रम विभाग की ओर से रोजगार के लिए लगाए जाएंगे प्रशिक्षण शिविर ......... हजारीबाग। सूचना भवन सभागार में सोमवार को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के आर्थिक उत्थान को लेकर उपायुक्त भुवनेश प्रताप सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। मौके पर फोकस एरिया में चल रही विकास योजनाओं की अद्यतन प्रगति को लेकर संबंधित विभाग के पदाधिकारियों के साथ समीक्षा की गई। मौके पर उपायुक्त ने कहा कि राज्य सरकार तथा जिला प्रशासन हजारीबाग वैसे सभी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और गांवों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है तथा वहां के निवासियों को मुख्यधारा में लाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं को लेकर जिला प्रशासन विभिन्न प्रचार माध्यमों से लोगों को जागरूक कर रही है ताकि वे अधिक से अधिक योजनाओं को जान सकेें और इसका लाभ प्राप्त कर सकें। मौके पर उन्होंने योजनाओें की विभागवार बारी-बारी से चर्चा करते हुए पंचायती राज और पेयजल स्वच्छता विभाग को सभी पंचायतों में सोलर मोटर पम्प द्वारा पेयजल जलापूर्ति सुनिश्चित करने का निदेश दिया। वहीं सभी विभागों द्वारा किये जा रहे कार्यों की जियो टैगिंगयुक्त फोटो भी जिला प्रशासन द्वारा निर्मित एप्प में अपलोड करने की बात कही ताकि कार्यों को जल्द से जल्द धरातल पर उतारा जा सके। मौके पर उन्होंने सभी स्वास्थ्य केन्द्रों तथा अस्पतालों में योगा सेंटर तथा एम्यूनाईजेशनन सेंटर खोलन की बात कही। ताकि लोगों में योग के प्रति सजगता लाई जा सके और वे शारीरिक रूप से स्वस्थ्य हो सके। वहीं सभी सोलह प्रखण्डों एवं पंचायत भवनों में वेबकैम लगाने का निदेश दिया ताकि पंचायत भवन भी जिला प्रशासन के साथ व्यापक और प्रभावी रूप से जुड़ सके। इसके फलस्वरूप उपायुक्त द्वारा सीधे जनता से जुड़े कर उनके समस्याओं का निराकरण किया जा सके। विशेषकर उन्होंने पेयजलापूर्ति को लेकर 80 करोड़ रूपये की लागत से सभी पंचायतों में लगभग 2 हजार सोलर आधारित जलमीनार लगाने के लिए अग्रेत्तर प्रक्रिया करने का निदेश दिया। इस अवसर पर उपस्थित बैंक के अधिकारियों को उपायुक्त ने ग्रामीण क्षेत्रों के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार की आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए मुद्रा ऋण की सुलभता सुनिश्चित करने का निदेश दिया। वहीं नक्सल प्रभावित चिन्हित गांवों के ग्रामीणों के बीच प्रति घर दो-दो दुधारू गाय तथा कड़कनाथ मुर्गी का वितरण करने का निदेश दिया ताकि ग्रामीण के बीच स्वरोजगार का सृजन किया जा सके और उन्हें मुख्यधारा में लाया जा सके। वहीं श्रम विभाग को भी रोजगार आधारित प्रशिक्षण शिविर समय-समय पर लगाने का निदेश दिया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त विजया जाधव, सहायक समाहर्ता समीरा एस, अपर समाहर्ता भू.ह. प्रदीप तिग्गा, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंत, भवन/ग्रामीण कार्य प्रमण्डल, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी शिप्रा सिन्हा सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी कर्मी आदि मौजूद थे।