समाज कल्याण विभाग की समीक्षात्मक बैठक

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हजारीबाग :- समाज कल्याण विभागी की समीक्षात्मक बैठक हजारीबाग के उपायुक्त आदित्य कुमार आनंद की अध्यक्षता में बैठक की गई। बैठक में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों के निरीक्षण/पर्यवेक्षण एवु अनुश्रवण की समीक्षा की गई। जिला समाज कलयाण पदाधिकारी, हजारीबाग द्वारा बताया गया कि वर्तमान में कोविड-19 के कारण आंगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन बन्द है। बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं द्वारा केन्द्रों पर वीएचएसएनडी का अनुश्रवण किया जा रहा है। पूर्व में विभागीय निदेशानुसार महिला पर्यवेक्षिकाओं को सपोर्टिव सुपरविजन के तहत प्रत्येक माह 15 केन्द्रों का पर्यवेक्षण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं को प्रत्येक माह मासिक प्रगति प्रतिवेदन के साथ वीएचएसएनडी का अनुश्रवण प्रतिवेदन विहित प्रपत्र में निवार्य रूप से उपलब्ध कराने का निदेश दिया गया। जिलान्तर्गत विभिन्न परियोजनाओं में सेविकाओं के स्वीकृत पद 1770 के विरूद्ध 15 रिक्ति एवं सहयिकाओं के स्वीकृत पद 1694 के विरूद्ध 13 पद पर निक्त पाया गया। रिक्त पदों पर नियमानुसार सेविका/सहायिका के चयन हेतु आमसभा की कार्रवाई करते हुए प्रस्ताव उपलब्ध कराने का निदेश दिया गया। जिला समाज कल्याण पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि जिलान्तर्गत सभी आंगनबाड़ी सेविका/सहायिका का माह अस्त, 2020 तक का मानदेय एवं अतिरिक्त मानदेय भुगतान किया गया है। माह सितम्बर, 2020 का मानदेय/अतिरिक्त मानदेय भुगतान की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन बाधित होने की स्थिति में पोषाहार योजनान्तर्गत आंगनबाड़ी सेविकाओं के द्वरा 03 से 06 वर्ष के बच्चों को हाॅल् कूक्ड मील की सामग्री प्रत्येक माह लाभुकों को उपलब्ध कराई जा रही है। खाद्य सामग्री में चावल की आपूर्ति झारखण्ड राज्य खाद्य निगम के द्वारा की जा रही है जबकि शेष सामग्रियों का क्रय सेविकाओं द्वारा करते हुए अभिश्रव उपलब्ध कराया जाता है। पूर्व में दिये गये निदेश े आलोक में जिलान्तर्गत केन्द्र भवन में संचालित जर्जर आंगनबाड़ी केन्द्र भवन, किराये में संचालित केन्द्र एवं अन्रू सरकारी भवन में संचालितकेन्द्रों का परियोजनाओं से प्राप्त फोटोग्राफ्स का अवलोकन किया गया। बाल विकास परियोजना पदाधिकारी/महिला पर्यवेक्षिकाओं को दो दिनों के अन्दर पुनः जर्जर भवन से सम्बन्धित सुस्पष्ट फोटोग्राफ्स सूची सहित उपलब्ध कराने का निदेश दिया। हजारीबाग सदर क्षेत्र में 92 केन्द्रों में 84 केन्द्र किराये के भवन में संचािलत है। अपर समाहर्ता, हजारीबाग को शहरी क्षेत्र में केन्द्र भवन निर्माण हेतु भूमि चयन करने का निदेश दिया गया। उप विकास आयुक्त, हजारीबाग द्वारा बताया गया कि मनरेगा के तहत कुल 167 केन्द्रों के भवन निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था परन्तु अभी सभी केन्द्रों पर निर्माणय कार्य प्रारम्भ नहीं हो पाया है। सभ्ज्ञी संबंधित प्रखण्ड विकास पदाधिकारी/अंचलाधिकारी से निर्माण आरम्भ नहीं होने का कारण सहित प्रतिवेदन प्राप्त करने एवं समन्व्य स्थापित कर समस्याओं का निराकरण करते हुए निर्माण प्रारम्भ कराये जाने का निदेश दिया गया। बैठक् में सीएसआर एवं विशेष केन्द्रीय सहायता के तहत विभिन्न परियोजनाओं से कुल 161 आंगनबाड़ी केन्द्रों को माॅडल केन्द्र में विकसित कराये जाने की स्वीकृति दी गई है। सभी महिला पर्यवेक्षिकाओं एवं बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को चिन्हित केन्द्रों में सुसज्जीकरण कार्य का नियिमत रूप से अनुश्रवण करते हुए गुणवत्ता पूर्ण कार्य सुनिश्चित कराये जानेका निदेश दिया गया। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना अन्तर्गत वर्तमान में हजारीबाग जिला की उपलब्धी 102 प्रतिशत है। श्रीमती शिप्रा सिन्हा, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, हजारीबाग द्वारा बताया गया कि मुख्यमंत्री सुकन्या योजनान्तर्गत अब तक कुल 805 आवेदन की स्वीकृति दी गई है। उन्होंने पोषण माह के दौरान विशेष्ज्ञ अभियान चलाकर केन्द्र में नामांकित सभी बच्चें का वजन एवं उंचाई का माप लेते हुए नीति आयोग के इंडीकेटर्स के अनुरूप एसएएम, एमएएम एवं स्टन्टेड बच्चें को चिन्हित किया गया है। कुपोषित बच्चों के ईलाज हेतु जिले में एमटीसी की उपलब्धता के सन्दर्भ में उपस्थिति जिला कार्यक्र प्रबंधक, एनएचएम हजारीबाग द्वारा बताया गया िक वर्तमान में सदर, बरही, बड़कागांव एवं विष्णुगढ़ में एम.टी.सी संचालित है। बैठक् में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं योजना, सखी वन स्टाॅप सेन्टर, स्वाधार गृह, उज्जवला गृह, ओल्ड ऐज होम एवं अन्य विशेष विद्यालयों का संचालन पर चर्चा की गईं जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, हजारीबाग द्वारा बताया गया कि मान तस्करी से बचाव, रोकथाम एवं इसके शिकार महिलाओं के पुर्नवास, पुनःएकीकरण एवं प्रत्यावर्तन की सुविधा उपलब्ध कराये जाने हेतु स्वयं सेवी संस्था समर्पण, कोडरमा द्वारा उज्जवला होम का संचालन प्रारम्भ किया गया है। पोषण अभियान योजनान्तर्गत डैशबोर्ड इंट्री में जिला की स्थित संतोष्प्रद नहीं है। उनके द्वारा बताया गया कि एडब्ल्यूसी साक्षात्कार में अब तक मात्र 44 प्रतिशत डाटा की इन्ट्री डैशबोर्ड में की गई है। मौके पर उपस्थिति सभी महिला पर्यवेक्षिकाओं को विभागीय निदेश के आलोक में अविलम्ब् शत प्रतिशत डाटा इन्ट्री सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया। जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी से समेकित बाल संरक्षण योजनान्तर्गत क्रियान्वित की जा रही बाल संरक्षण इकाई, सम्प्रेक्षण गृह, बाल कल्याण समिति, किशोर न्या बोर्ड एवं विभिन्न स्वयं सेवी संस्थाओं के माध्यम से संचािलत विभिन्न बाल गृहों एवं दत्तक ग्रहण अभिकरण आदि की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने विभिन्न परियोजनाओं से कुल 5 महिला पर्यवेक्षिकाओं के विलम्ब से उपस्थित होने पर क्षोभ जताते हुए संबंधित महिला पर्यवेक्षिकाओं से स्पष्टीकरण प्राप्त किये जाने एवं अगले आदेश तक एक दिन का वेतन स्थगित रखे जाने का निदेश दिया गया।