धर्म-कर्म

हजारीबाग: भक्तामर स्तोत्र के बीजाक्षर से पाएं मानसिक शांति, मुनि श्री भाव सागर जी ने बताए रहस्य

आचार्य मानतुंग स्वामी द्वारा रचित भक्तामर स्तोत्र सिर्फ भक्ति का ग्रंथ नहीं, बल्कि मंत्र-विज्ञान का अद्भुत खजाना है, कहते हैं मुनि श्री भाव सागर जी महाराज।

✍️ Super Admin26 मई 2026📍 हज़ारीबाग
भक्तामर स्तोत्र के बीजाक्षर: मानसिक शांति का सरल उपाय - हजारीबाग

हजारीबाग में श्री दिगंबर जैन बड़ा बाजार मंदिर में मुनि श्री भाव सागर जी महाराज ने भक्तामर स्तोत्र के बीजाक्षरों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ये बीजाक्षर विज्ञान और श्रद्धा का संगम हैं, जो मानसिक शांति और समाधान प्रदान करते हैं।

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